न्याय मंत्रालय और संसद ने मिलकर ‘उत्कृष्ट विदेशी प्रतिभाओं को आकर्षित करने’ की पहल की…कानूनी आधार पर संगोष्ठी आयोजित
न्याय मंत्रालय और संसद ने उत्कृष्ट विदेशी प्रतिभाओं को आकर्षित करने तथा उनके बसने की परिस्थितियां सुधारने के लिए कानूनी आधार तैयार करने पर संगोष्ठी आयोजित की।

बेहद कम जन्मदर और वृद्ध होती आबादी से उत्पन्न जनसांख्यिकीय संकट तथा वैश्विक प्रौद्योगिकी प्रभुत्व की प्रतिस्पर्धा से निपटने के लिए न्याय मंत्रालय और संसद ने उत्कृष्ट विदेशी प्रतिभाओं को आकर्षित करने और बसाने के लिए कानून बनाने का काम शुरू किया है।
न्याय मंत्रालय (मंत्री जियोंग सोंग-हो) ने 24 जून (बुधवार) को दोपहर 2 बजे नेशनल असेंबली मेंबर्स ऑफिस बिल्डिंग के दूसरे संगोष्ठी कक्ष में सांसद ली सोंग-यून, सो योंग-ग्यो और पार्क ग्यून-टेक के कार्यालयों के साथ मिलकर ‘उत्कृष्ट विदेशी प्रतिभाओं का विकास और बसने की परिस्थितियों में सुधार’ विषय पर नीति संगोष्ठी आयोजित की।
यह संगोष्ठी कोरिया गणराज्य के सतत विकास की प्रेरक शक्ति सुनिश्चित करने के लिए आयोजित की गई। इसका उद्देश्य न्याय मंत्रालय के आव्रजन एवं विदेशी नीति मुख्यालय द्वारा घोषित ‘2030 आव्रजन नीति भावी रणनीति (मार्च दो हजार छब्बीस)’ के प्रमुख कार्यों—‘उत्कृष्ट विदेशी प्रतिभाओं को आकर्षित करना’ और ‘प्रवासी कोरियाइयों को बसने में सहायता’—के समर्थन के लिए कानूनी और संस्थागत आधार पर चर्चा करना था।
मार्च दो हजार छब्बीस में सांसद ली सोंग-यून ने आर्थिक सक्रियता के लिए उत्कृष्ट विदेशी प्रतिभाओं के विकास और बसने की परिस्थितियों में सहायता तथा प्रवासी कोरियाइयों और उनके परिवारों को बसने में सहायता को मुख्य विषय बनाने वाले ‘कोरिया में निवासरत विदेशियों के साथ व्यवहार संबंधी मूल अधिनियम’ के संशोधन विधेयक को प्रमुख प्रस्तावक के रूप में पेश किया था।
संगोष्ठी में सूनचुनहयांग विश्वविद्यालय के प्रोफेसर इम डोंग-जिन, कोरिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर यून इन-जिन और सुंगक्युल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रा ह्वी-मुन ने अध्यक्षता की। अकादमिक जगत और शोध संस्थानों के विशेषज्ञों ने ‘(प्रथम सत्र) उत्कृष्ट विदेशी प्रतिभाओं को आकर्षित करने व विकसित करने और बसने की परिस्थितियां सुधारने के उपाय’ तथा ‘(द्वितीय सत्र) प्रवासी कोरियाई उत्कृष्ट प्रतिभाओं को देश में बसने में सहायता और सामाजिक एकीकरण मजबूत करने के उपाय’ विषयों पर प्रस्तुतियां दीं और चर्चा की।
प्रथम सत्र में योनसेई विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर ली जोंग-ग्वान ने कहा कि उत्कृष्ट विदेशी प्रतिभाओं को आकर्षित करने और आव्रजन नीति का गहरा संबंध है। उन्होंने उत्कृष्ट विदेशी छात्रों को आकर्षित करने व बसने के लिए प्रेरित करने और उत्कृष्ट प्रतिभाओं को असाधारण कर छूट देने जैसी रणनीतियां सुझाईं। सियोल राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के ग्रेजुएट स्कूल ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के प्रोफेसर चोई चांग-योंग ने कहा कि उत्कृष्ट विदेशी छात्रों को आकर्षित करने की रणनीति में ‘गुणात्मक बदलाव’ चाहिए। उन्होंने विज्ञान, इंजीनियरिंग और उन्नत क्षेत्रों की उत्कृष्ट प्रतिभाओं को केंद्रित रूप से आकर्षित करने के साथ राजधानी क्षेत्र में केंद्रीकरण कम करने के लिए क्षेत्रीय नीति बनाने का प्रस्ताव रखा।
द्वितीय सत्र में सियोल स्कूल ऑफ इंटीग्रेटेड साइंसेज एंड टेक्नोलॉजीज के एआई ग्रेजुएट स्कूल के प्रोफेसर ह्वांग म्योंग-हो ने प्रवासी कोरियाई उत्कृष्ट प्रतिभाओं को आकर्षित करने और बसाने के लिए मौजूदा छात्रवृत्ति योजनाओं जैसी उपभोगपरक कल्याण नीतियों की जगह बसावट-केंद्रित पाइपलाइन, ‘एआई रणनीतिक प्रबंधन’ पर केंद्रित अंतर्विषयी डिग्री और कंपनियों के कार्यस्थलों से व्यावहारिक जुड़ाव वाला राष्ट्रीय प्रतिभा-बसावट खाका प्रस्तुत किया। पाई चाई विश्वविद्यालय के लोक प्रशासन विभाग की प्रोफेसर वू योंग-ओक ने प्रवासी कोरियाइयों के सामाजिक एकीकरण की रणनीति के रूप में ‘प्रवेश से पहले-प्रवेश-प्रवास-अवस्थापन आदि’ जीवनचक्र के अनुसार नीतियां विकसित करने और प्रवासी कोरियाई प्रवास सहायता केंद्र को आधार बनाकर उनकी विशेषताओं के अनुरूप स्थानीय स्तर से जुड़ा समग्र नीति मंच बनाने की आवश्यकता बताई।
न्याय मंत्री जियोंग सोंग-हो ने स्वागत भाषण में कहा, “देश के सतत विकास की प्रेरक शक्ति और आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए उत्कृष्ट विदेशी प्रतिभाओं को अधिक सक्रियता से आकर्षित और विकसित करना आवश्यक है। संगोष्ठी में विशेषज्ञों के बहुमूल्य सुझाव भविष्य में न्याय मंत्रालय के आव्रजन एवं विदेशी नीति मुख्यालय द्वारा आगे बढ़ाई जाने वाली ‘उत्कृष्ट विदेशी प्रतिभाओं और प्रवासी कोरियाइयों की बसावट सहायता नीति’ के लिए मील का पत्थर बनेंगे।”
सांसद ली सोंग-यून ने स्वागत भाषण में जोर देकर कहा, “जब दुनिया के देश प्रतिभाओं को आकर्षित करने की कड़ी प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, तब कोरिया गणराज्य के लिए ‘जहां लोग आना चाहें’ से आगे बढ़कर ‘जहां लोग रहना चाहें’ ऐसा देश बनने का समय है।” उन्होंने कहा, “मुझे आशा है कि आज की संगोष्ठी उत्कृष्ट विदेशी प्रतिभाओं को आकर्षित करने, प्रवासी कोरियाइयों के स्थिर अवस्थापन और सामाजिक एकीकरण के व्यावहारिक उपाय खोजने का सार्थक अवसर बनेगी।”
इस बीच, न्याय मंत्रालय का आव्रजन एवं विदेशी नीति मुख्यालय इस संगोष्ठी के प्रस्तावों के आधार पर ‘कोरिया में निवासरत विदेशियों के साथ व्यवहार संबंधी मूल अधिनियम’ के संशोधन विधेयक को विधायी प्रक्रिया में आगे बढ़ाने में सहायता करेगा। मुख्यालय नागरिकों, प्रवासी कोरियाइयों और आप्रवासियों के साथ बढ़ने के समावेशी आधार पर आव्रजन नीतियां तथा देश में रहने वाले प्रवासी कोरियाइयों से संबंधित नीतियां लगातार आगे बढ़ाने की योजना बना रहा है।
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